क्यों रखूं मैं करवाचौथ।

683,000 forcible rapes occur every year, which
equals 56,916
per month and 1,871 per day,
78 per hour and 1.3 per minute.

क्यों रखूं मैं करवाचौथ
यूँ ही नहीं पूछा है मैंने
दिन घड़ियां सदियां बीती हैं
विश्वास जनित कि क्यों रखूं मैं करवाचौथ।

साक्षरता मिशन, हुई मैं साक्षर
जीवन ने किया मुझे शिक्षित
सब रुका अचानक,
माँ को रखवाना था करवाचौथ।

अधिक इतिहास का ज्ञान नहीं
पर इतनी भी नादान नहीं
सुना है सीता जी भी रखती थीं करवाचौथ।

फलित हुआ पर करवाचौथ
इक धोबी की उंगली से
तज दिया गया वो करवाचौथ
क्यों रखूं मैं करवाचौथ।

चलो छोड़ो उनको अब
सामने वाली मंजीत
सहती है नियमित पिया की प्रीत
तो बोलो क्यों रखूं मैं करवाचौथ।

इक अफ़सराना दोस्त
वह भी रखती है करवाचौथ
ओह ! कल हो गयी उसकी मौत
दहेज ने रखा करवाचौथ।

बहुत हुआ, खुद पे आती हूँ
करवाचौथ कि कहानी सुनाती हूँ
चाँद देख सरघी खाती हूँ
और उस रात भी वैवाहिक बलात्कार करवाती हूँ।

इसलिए रखती हूँ करवाचौथ ?
बताओ, क्यों रखूं मैं करवाचौथ ?

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2 thoughts on “क्यों रखूं मैं करवाचौथ।

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